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परंतुजोआजहै मनन। सुचितापाण्डेय रात निसर्गजतन नवरात्रि कलमकासाथ दुख-दर्दकेआँसूतकपीजातेलोग समय चिंता छोड़ कोशिश शरीर भोलेनाथ परेशानी भक्ति अपनी करनी उलझन आज का विचार हर वक्त रुचिकर

Hindi न्यूनतम हो चिंता Quotes